

लखीमपुर खीरी। सीतापुर-लखनऊ हाईवे स्थित बेहजम तिराहा, ओयल का 20 बेड का ट्रॉमा सेंटर सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर हड्डी संबंधी चोटों के मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के प्रयासों से संचालित इस ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि 28 जून को ट्रॉमा सेंटर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग गंभीर मरीजों की सफल मेजर सर्जरी की गई। इनमें नीमगांव निवासी 45 वर्षीय रामकली के कूल्हे की टूटी हड्डी, लखीमपुर निवासी 40 वर्षीय लालन वर्मा की जांघ की गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हड्डी तथा पिपरझला निवासी 5 वर्षीय युद्रांश के पैर की टूटी हड्डी का सफल ऑपरेशन किया गया। तीनों मरीजों की हालत अब स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं इन जटिल सर्जरियों को सफल बनाने में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरिराम वर्मा, डॉ. विनोद, डॉ. फैजल, डॉ. शशांक तथा एनेस्थेटिस्ट डॉ. जयराम की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही ओयल ट्रॉमा सेंटर में कंधे, घुटने, हाथ और पैर की मेजर एवं माइनर सर्जरियां नियमित रूप से की जा रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 8,807 मरीजों ने यहां उपचार प्राप्त किया, जबकि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही 3,483 मरीज ट्रॉमा सेंटर की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्तमान में चार विशेषज्ञ सर्जन, दो एनेस्थेटिस्ट और पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ट्रॉमा सेंटर की सेवाओं को और अधिक आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि लखीमपुर खीरी सहित आसपास के जनपदों के लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
रिपोर्टर अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी















